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शुक्रवार, 9 अक्तूबर 2009

में ऐसा एक गीत लिखूगां

मेरे जीवन की सांझ ढले  
इससे पहले तुम आ जाना  
मैं एक पूरा गीत लिखुंगा  
जिसमें मेरे कुछ स्वपन अधूरों का  
जिसमें मेरे कुछ गीत अधूरों का 
जिक्र न होगा 
मैं ऐसा एक गीत लिखूगां 
मेरे जीवन की ......... 
जिसमें तुमसे मेरी चाहत का  
तुमको पा लेने की राहत का  
अहसास तुम्हें भी होगा  
में ऐसा एक गीत लिखूगां 
तेरे आने की आहट को  
मैं अपनी व्याकुलता को  
शब्दों में कैसे बाधुगाँ 
मौन अव्यक्त भाव हों जिसमें  
मैं एक ऐसा गीत लिखुगां 
मेरी जीवन की ....... 
जब मैं पूर्ण हो जाऊगाँ  
तब पूर्ण सृजक हो जाऊगाँ  
तुम मेरी परीचायक हो  
वह गीत तुम्हारा परीचायक होगा  
ऐसा मैं एक गीत लिखुगां ..............




:))

5 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत सुन्दर

    ढेर सारी शुभकामनायें.

    SANJAY
    http://sanjaybhaskar.blogspot.com

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  2. मेरे जीवन की सांझ ढले
    इससे पहले तुम आ जाना........

    सुन्दर गीत है ...... प्रेम की चाह ......... लाजवाब अभिव्यक्ति है ..........

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  3. बहुत ही भावपूर्ण सुन्दर प्रणय गीत लिखा है आपने....वाह !!

    उत्तर देंहटाएं

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